Hindi
Saturday 29th of April 2017
code: 80715
हक़ निभाना मेरे हुसैन का है,



हक़ निभाना मेरे हुसैन का है,
दिल ठिकाना मेरे हुसैन का है।

 


 जिसके साये में कायनात है सब,
ऐसा नाना मेरे हुसैन का है।

 


 जबसे घर में मेरे सजे है अलम,
आना-जाना मेरे हुसैन का है।

 


 उग रहा है जो वादे क़र्बोबला,
वो दाना-दाना मेरे हुसैन का है।

 


 जिस जगह हूर बनाये जाते है,
कारखाना मेरे हुसैन का है।

 


 तुम जिसे आसमाँ समझते हो,
वो सामेयाना मेरे हुसैन का है।

 


 ये जो काबा है तुम न समझोगे,
घर पुराना मेरे हुसैन का है।

 


 रोज़ पड़ता हूँ सूरए रहमान,
ये तराना मेरे हुसैन का है।

 


 सिर्फ आसुर तक नही मेहदूद,
हर ज़माना मेरे हुसैन का है।

 


 बोली ज़ोहरा ये अश्क़ दो मुझको,
ये खज़ाना मेरे हुसैन का है।

user comment
 

latest article

  रमजान का महत्व।
  अली के शियों की विशेषता।
  अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम का जीवन ...
  इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस
  हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. बेहतरीन आदर्श
  हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की कुछ हदीसें।
  हज़रत अली (अ.स.) की नज़र में हज़रते ज़हरा
  हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. बेहतरीन आदर्श
  जो शख्स शहे दी का अज़ादार नही है
  किस नूर की मज्लिस में मिरी जल्वागरी है