Hindi
Saturday 18th of November 2017
code: 80964
यमन हमलों में ज़ायोनी शासन की सऊदी अरब के साथ भागीदारी।

मीडिया सूत्रों ने यमन जंग और तइज़ पर बमबारी में ज़ायोनी सेना की सऊदी अरब के साथ भागीदारी की ओर इशारा करते हुए बताया कि रियाज़ ने इस बात को स्वीकार किया है कि यमन के क्रान्तिकारियों की दमन के लिए उसे इस्राईल की सेना की ज़रूरत है।
ब्रितानी वेबसाइट लिबर्टी फ़ाइटर्ज़ के हवाले से अलआलम के अनुसार, सऊदी सेना के प्रवक्ता अहमद अलअसीरी ने कहा कि इस्राईली वायु सेना के एक दस्ते ने यमन के तइज़ प्रांत में अंसारुल्लाह के एक ट्रेनिंग कैंप पर हमले के साथ अपना अभियान शुरु किया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, अलअसीरी ने उम्मीद जतायी कि इस्राईली सेना के साथ सऊदी सेना का सहयोग जारी रहेगा और इस प्रकार सऊदी अरब-इस्राईल के बीच संबंध का नया अध्याय खुलेगा।
ग़ौरतलब है कि सऊदी अरब का अमरीका और पश्चिमी देशों की मदद से यमन पर 26 मार्च 2015 से सऊदी अरब का अतिक्रमण जारी है। सऊदी अरब की बमबारी के कारण बहुत से अस्पताल, क्लिनिक और स्वास्थ्य सेवा केन्द्रों की इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं और इस देश के 80 फ़ीसद से ज़्यादा मूल ढांचे तबाह हो चुके हैं।
सऊदी अरब की बमबारी में अब तक यमन में 11000 से ज़्यादा बेगुनाह नागरिक मारे गए, दसियों हज़ार घायल हुए और लाखों बेघर हो चुके हैं।

user comment
 

latest article

  ईरान के खिलाफ़ अमेरिकी मंत्री का बयान ...
  लेबनानी जनता ने किया सऊदी अरब के विरूद्ध ...
  सआद हरीरी स्वयं अपनी बातों पर भी विश्वास ...
  ईरान-इराक भूकंप, अब तक 328 की मौत और 4000 से अधिक ...
  आयतुल्लाह ख़ामेनई ने चेहलुम मार्च की ...
  जनरल क़ासिम सुलेमानी के पिता का देहांतः ...
  सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने की ...
  ईरान एवं इराक़ में भूकंप के तीव्र झटके।
  नौजवानों को गुमराही से बचाएंः मौलाना ...
  लखनऊ में चेहलुम के जुलूस के कुछ दृश्य।