Hindi
Tuesday 30th of May 2017
Articles

दुआए अहद

इमाम जाफर अल-सादिक़ (अ:स) से नकल हुआ है की जो शख्स चालीस रोज़ तक हर सुबह इस दुआए अहद तो पढ़े तो वोह इमाम (अ:त:फ) के मददगारों में से होगा और अगर वो इमाम (अ:स) के ज़हूर के पहले मर जाता है ...

दुआ फरज

अल्ला हुम्मा कुन ले-वली'य्येकल हुज्जत' इब्निल हसने सलावातोका अ'लय्हे व अ'ला आ'बा-एही फ़ी हाज़े'हिस सा-अ'ते व फ़ी कुल्ले सा-अ'तिन व'लिय्यावं व हाफ़े'जो व क़ा'एदौं व नासे'रों व ...

रमज़ान को रमज़ान क्यों कहा जाता है?

अबनाः रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम ने फ़रमायाः रमजान गुनाहों को जला देने वाला महीना है अल्लाह तआला इस महीने में अपने बंदों के गुनाहों को जला देता है और ...

इमाम अली नक़ी अ.स. के दौर के राजनीतिक हालात।

इमाम अली नक़ी अ. ने अपनी इमामत के 7 साल मोतसिम अब्बासी के दौर में गुज़ारे, इन वर्षों में इमाम की हर गतिविधि पर हुकूमत के जासूसों कि निगाहें थीं, और आपके पास आने जाने वाले लोगों ...

हज़रत इमाम नक़ी (अ.स.) की इमामत

हज़रत इमाम नक़ी (अ.स.) की इमामत    Email 1 सारे वोट 5.0 / 5लेख ›रसुले अकरम व अहले बैत ›इमामे अली नक़ी(अ)    में प्रकाशित    2017-04-03 00:00:00लेखक:    मौलाना नजमुल हसन कर्रारवी ...

इमाम महदी अलैहिस्सलाम।

अबनाः मोहम्मद इब्ने हसन जो इमाम महदी के नाम से प्रसिद्ध हैं  शियों के बारहवें इमाम हैं। शिया स्रोतों के अनुसार इमामे ज़माना को जन्म को ख़ुफ़िया रखा गया और इमाम हसन अस्करी ...

हज़रत इमाम मेहदी (अ.स.) के इरशाद

१. मेरा वुजूद (अस्तित्व) ग़ैबत में भी लोगों के लिए ऐसा ही मुफ़ीद (लाभकारी) है जैसे आफ़ताब (सूर्य) बादलों के ओट (पीछे) से।२. मैं ही महदी हूँ मैं ही क़ायमे ज़माना हूँ।३. मैं ज़मीन ...

इन्तेज़ार की हक़ीक़त

इन्तेज़ार के विभिन्न अर्थ व मअनी वर्णन किये गए हैं, लेकिन इस शब्द पर गौर व फिक्र के ज़रिये इसके अर्थ की वास्तविक्ता तक पहुँचा जा सकता है। इन्तेज़ार का अर्त किसी के लिए आँखे ...

15 शाबान

एक बार फिर १५ शाबान की शुभ बेला आ पहुंची है और मुक्ति दाता की प्रतीक्षा ने दिलों को व्याकुल कर दिया है। आज के दिन उस महान व्यक्ति का जन्म हुआ है जो ईश्वरीय दूतों के पावन ...

हज़रत अबुतालिब अलैहिस्सलाम

असली नाम हज़रत अबुतालिब अलैहिस्सलाम का अस्ल नाम इमरान व अबुतालिब आपकी कुन्नीयत थी।  माता पिता हज़रत अबुतालिब अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी ...

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम

नाम आपका नामे नामी अली इब्ने हुसैन था।  उपनाम आपका लक़ब अकबर था।  माता पिता हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रते ...

ख़ानदाने नुबुव्वत का चाँद हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस सलाम

ख़ानदाने नुबुव्वत का यह चाँद अगर एक तरफ़ आबाई फ़ज़ायल व कमालात का मालिक होने की बेना पर फ़ख्रे अरब है तो दूसरी तरफ़ माँ की अज़मत व जलालत की बेना पर अजम के जाह व हशम का मालिक ...

ज़ुहुर या विलादत

आज कल शियो के दरमियान मासूमीन अ.स. की विलादत पर लफ्ज़े ज़ुहुर का इस्तेमाल हो रहा है और हम भी इसे एक फज़ीलत समझ कर खुश हो रहे है औऱ हद तो ये है कि बाज़ लोग लफ्ज़े विलादत का ...

हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम

हज़रत अली अलैहिस्सलाम के वीर पुत्र हज़रत अब्बास के शुभ जन्मदिवस पर आप सबकी सेवा में बधाई प्रस्तुत करते हैं। जब हम आस्था, वीरता और निष्ठा के उच्च शिखर की ओर देखते हैं तो ...

ज़ुहुर या विलादत

आज कल शियो के दरमियान मासूमीन अ.स. की विलादत पर लफ्ज़े ज़ुहुर का इस्तेमाल हो रहा है और हम भी इसे एक फज़ीलत समझ कर खुश हो रहे है औऱ हद तो ये है कि बाज़ लोग लफ्ज़े विलादत का ...

इमामे हुसैन (अ)

माता पिताहज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रत फ़तिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा हैं। आप अपने माता पिता की द्वितीय सन्तान ...

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम की शहादत।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: आज ईरान सहित पूरी दुनिया में रसूले अकरम के बेटे हजरत इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम की शहादत की याद अकीदत और ऐहतराम से मनाई जा रही है 25 रजब को इमाम ...

जनाबे उम्मुल बनीन स.अ

जनाबे उम्मुल बनीन हज़रत अब्बास अ.स की माँ थीं कि जो कूफ़ा या उसके आस पास के इलाक़े मे पैदा हुईं।  असली नाम आप का असली नाम फ़ातिमा-ए-कलाबिया था।  माता पिता जनाबे उम्मुल ...

हज़रते ज़हरा स0 का अक़्द और उसके इम्तेयाज़ात

तमाम हम्द व सिपास है उस ज़ात के लिए कि जिसने तमाम मख़लूक़ात को इंसान के लिए ख़ल्क़ किया और इंसान को ख़ुद अपने लिए ख़ल्क़ करके उसकी ग़रज़े ख़िलक़त को भी वाज़ेह कर दिया। मैंने ...

हज़रत फातेमा मासूमा (अ.स) की हदीसे

हज़रत फातेमा मासूमा (अ.स) हज़रत इमाम सादिक़ (अ.स) की बेटीयो (फातेमा, ज़ैनब और उम्मेकुलसूम) से नकल करती है और इस हदीस की सनद का सिलसिला हज़रत ज़हरा (स.अ) पर खत्म होता हैः حدثتنی ...