उनका बदला उनके अपने रब के पास सदाबहार बाग़ है, जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। अल्लाह उनसे राज़ी हुआ और वे उससे राज़ी हुए। यह कुछ उसके लिए है, जो अपने रब से डरा
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जब धरती इस प्रकार हिला डाली जाएगी जैसा उसे हिलाया जाना है,
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और धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी,
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और मनुष्य कहेगा, "उसे क्या हो गया है?"
(3)
उस दिन वह अपना वृत्तांत सुनाएगी,
(4)
इस कारण कि तुम्हारे रब ने उसे यही संकेत किया होगा
(5)
उस दिन लोग अलग-अलग निकलेंगे, ताकि उन्हें कर्म दिखाए जाएँ
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अतः जो कोई कणभर भी नेकी करेगा, वह उसे देख लेगा,
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और जो कोई कणभर भी बुराई करेगा, वह भी उसे देख लेगा
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साक्षी है जो हाँफते-फुँकार मारते हुए दौड़ते है,
(1)
फिर ठोकरों से चिनगारियाँ निकालते है,
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फिर सुबह सवेरे धावा मारते होते है,
(3)
उसमें उठाया उन्होंने गर्द-गुबार
(4)
और इसी हाल में वे दल में जा घुसे
(5)
निस्संदेह मनुष्य अपने रब का बड़ा अकृतज्ञ हैं,
(6)
और निश्चय ही वह स्वयं इसपर गवाह है!
(7)
और निश्चय ही वह धन के मोह में बड़ा दृढ़ है
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तो क्या वह जानता नहीं जब उगवला लिया जाएगा तो क़ब्रों में है
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