پایگاه اطلاع رسانی

استاد حسین انصاریان

रहबर हुसैन हैं

रहबर हुसैन हैं

भटकी हुई हयात के रहबर हुसैन हैं

सेहरा हैं करबला तो समन्दर हुसैन हैं


खुशबू पयामे हक की हैं सारे जहान में

गुलज़ार-ए-मुस्तफा के गुल-ए-तर हुसैन हैं


इश्क-ए-हुसैन से मेरी उक़बा संवर गई

सब्र-ओ-रोज़ा के आज भी पैकर हुसैन हैं


बेशक हयात-ओ-मौत का हैं फैसला यही

जी कर यजीद मर गया, घर-घर हुसैन हैं


जान अपनी दे के जिन्दगी बख्शी हैं दीन को

हर दिल का,हर निगाह का मेहवर हुसैन हैं


हैदर के नूर-ए-ईन जिगर गोशा-ए-रसूल

मासूम और बाला-ओ-बरतर हुसैन हैं


'शहजाद' उनके दम से ही रौशन हैं कायनात

दीन-ए-मुबीन के माह-ए-मुनव्वर हुसैन हैं