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Friday 12th of April 2024
Kalam and Beliefs
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क़ौमी व नस्ली बरतरी की नफ़ी

क़ौमी व नस्ली बरतरी की नफ़ी
हमारा अक़ीदह है कि तमाम अँबिया-ए- इलाही मख़सूसन पैग़म्बरे इस्लाम (स.) ने किसी भी “नस्ली” या “क़ौमी” इम्तियाज़ को क़बूल नही किया। इन की नज़र में दुनिया के तमाम इँसान बराबर थे ...

एतेमाद व सबाते क़दम

एतेमाद व सबाते क़दम
वह लोग सीसा पिलाई हुई दिवार की तरह हैं।सूरः ए सफ़ आयत न. 5नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली अलैहिस्लाम का यह क़ौल नक़्ल हुआ हैं-يوم لک و يوم عليکएक रोज़ तुम्हारे हक़ में और दूसरा ...

मआद (क़ियामत)के बग़ैर ज़िन्दगी बेमफ़हूम है

मआद (क़ियामत)के बग़ैर ज़िन्दगी बेमफ़हूम है
हमारा अक़ीदह है कि मरने के बाद एक दिन तमाम इंसान ज़िन्दा होगें और आमाल के हिसाब किताब के बाद नेक लोगों को जन्नत में व गुनाहगारों को दोज़ख़ में भेज दिया जायेगा और वह हमेशा ...

ज़िक्रे ख़ुदा

ज़िक्रे ख़ुदा
ऐ अज़ीज़म ! इस राह को तै करने के लिए पहले सबसे पहले लुत्फ़े ख़ुदा को हासिल करने की कोशिश करो और कुरआने करीम के वह पुर माअना अज़कार जो आइम्माए मासूमीन अलैहिम अस्सलाम ने बयान ...

मरातिबे कमाले ईमान

मरातिबे कमाले ईमान
नाफ़े ने इब्ने उमर से नक़्ल किया है कि हज़रत रसूले अकरम (स.) ने फ़रमाया कि अल्लाह पर बन्दें का ईमान उस वक़्त तक कामिल नही होता जब तक उस में पाँच सिफ़ात पैदा न हो जाये- अल्लाह पर ...

आलमे बरज़ख

आलमे बरज़ख
हमारा अक़ीदह है कि इस दुनिया और आख़ेरत के बीच एक और जहान है जिसे “बरज़ख़” कहते हैं।मरने के बाद हर इँसान की रूह क़ियामत तक इसी आलमे बरज़ख़ में रहती है।“व मिन वराइहिम ...

अँबिया का अपनी पूरी ज़िन्दगी में मासूम होना

अँबिया का अपनी पूरी ज़िन्दगी में मासूम होना
हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह के तमाम पैग़म्बर मासूम हैं यानी अपनी पूरी ज़िन्दगी में चाहे वह बेसत से पहले की ज़िन्दगी हो या बाद की गुनाह, ख़ता व ग़लती से अल्लाह की तईद के ज़रिये ...

सुन्नत अल्लाह की किताब से निकली है

सुन्नत अल्लाह की किताब से निकली है
हमारा अक़ीदह है कि कोई भी यह नही कह सकता है कि “कफ़ाना किताबा अल्लाहि ”हमें अल्लाह की किताब काफ़ी है और अहादीस व सुन्नते नबवी (जो कि तफ़्सीर व क़ुरआने करीम के हक़ाइक़ को ...

इन्सानी जीवन में धर्म की वास्तविक्ता

इन्सानी जीवन में धर्म की वास्तविक्ता
हमने पहले सबक़ में पढ़ा कि अगर हम ख़ुदा के भेजे हुए दीन और उस के ज़रिये बनाये गये उसूल और क़ानून का पालन करें तो दुनिया व आख़िरत में सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। सिर्फ़ वह ...

अल्लामा इक़बाल की ख़ुदी

अल्लामा इक़बाल की ख़ुदी
अल्लामा इक़बाद उन शायरों और विचारकों में शामिल हैं जिनकी ख्याति भौगोलिक सीमाओं में नहीं समा सकी और उन्होंने क्षेत्र के स्तर से ऊपर उठकर अपनी पहचान बनाई। अल्लामा इक़बाल ...

इस्लाम और इँसान की सरिश्त

इस्लाम और इँसान की सरिश्त
हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह, उसकी वहदानियत और अंबिया की तालीमात के उसूल पर ईमान का मफ़हूम अज़ लिहाज़े फ़ितरत इजमाली तौर पर हर इँसान के अन्दर पाया जाता हैं। बस पैग़म्बरों ने ...

हस्त मैथुन जवानी के लिऐ खतरा

हस्त मैथुन जवानी के लिऐ खतरा
आम तौर से यह बात समझी जाती है कि जवानी में केवल लड़के ही हस्त मैथुन (मुश्त ज़नी) जैसा खतरनाक काम करते हैं जब कि यह गलत है क्योंकि इस बात का सुबूत मौजूद है कि हस्त मैथुन ...

क़ानूनी ख़ला का वुजूद नही है

क़ानूनी ख़ला का वुजूद नही है
हमारा अक़ीदह है कि इस्लाम में किसी तरह का कोई क़ानूनी ख़ला नही पाया जाता। यानी क़ियामत तक इंसान को पेश आने वाले तमाम अहकाम इस्लाम में बयान हो चुके हैं। यह अहकाम कभी मख़सूस ...

जौशन सग़ीर का तर्जमा

जौशन सग़ीर का तर्जमा
कुछ ख़ास मोअतबर किताबों में दुआए जौशन सग़ीर का ज़िक्र जौशन कबीर से ज़्यादा शरह के साथ आया है. कफ़'अमी ने किताब "बलदुल अमीन" के हाशिये में फ़रमाया है कीयह बहु बुलंद मर्तबा और बड़ी ...

सुशीलता

सुशीलता
इस्लाम ने बातचीत में एवं व्यवहार में हमेशा अपने अनुयाइयों से नम्रता एवं भद्रता का आहवान किया है और अभद्रता एवं अशिष्टता से रोका है। इस लिए कि इस्लाम की यह शिक्षा जीवन में ...

सूर –ए- तौबा की तफसीर 2

सूर –ए- तौबा की तफसीर 2
ताएफ़ नगर के निकट एक क्षेत्र है जहां हुनैन नाम का युद्ध हुआ।  ताएफ़वासी विशेषकर दो कबीलों एक “हवाज़न” और दूसरे “सक़ीफ़” के नाम से प्रसिद्ध थे। इस्लामी सेना ने जब पवित्र ...

दीन क्या है?

दीन क्या है?
दीन अरबी शब्द है जिस का मतलब आज्ञापालन, परोतोषिक आदि बताया गया है लेकिन दीन या दीन की परिभाषा होती है इस सृष्टि के रचयता और उसके आदेशों पर विश्वास व उस के प्रति आस्था रखना इस ...

मआद की दलीलें रौशन हैं

मआद की दलीलें रौशन हैं
हमारा अक़ीदह है कि मआद की दलीलें बहुत रौशन हैं क्यों कि- क)इस दुनिया की ज़िन्दगी इस बात की तरफ़ इशारा करती है कि ऐसा नही हो सकता कि यह दुनिया जिस में इंसान चन्द दिनों के लिए ...

पश्चाताप

पश्चाताप
लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान   किताब का नाम: किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत     शांति और सुरक्षा, नफ्स की रज़ाइल से सुरक्षा, गंदे विचारों से हिफाज़त, अच्छा कर्म, अख़लाक़ ...

धार्मिक प्रवचनों को केवल कहानियों की तरह न सुने

धार्मिक प्रवचनों को केवल कहानियों की तरह न सुने
इंसान को जीवन में यदि कुछ पाना है तो उसके लिए मेहनत अवश्य करनी होती है लेकिन इन्सान की इच्छा हमेशा यही रही है की उसे कम या बिना मेहनत के सबकुछ मिल जाए |अपनी कम मेहनत और अधिक ...