Hindi
Sunday 25th of June 2017
code: 80941
हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम

नाम

 

आपका नामे नामी अली इब्ने हुसैन था।

 

 

उपनाम

 

आपका लक़ब अकबर था।

 

 

माता पिता

 

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रते लैला बिन्ते अबीमुर्रा बिन उरवा बिन मसऊदे सक़फी थी।

 

 

जन्म तिथि व जन्म स्थान

 

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम की जन्म तिथि के बारे मे कोई खास सबूत नही  मिलते लेकिन कहा जाता है कि आप 11 शाबान सन् 33 हिजरी मे शहरे मदीना मे  दुनिया मे आऐ ।

 

 

 

मुशाबेहते रसुले अकरम  

 

रिवायात मे आया है कि आप किरदार, गुफ्तार और तमाम सिफात मे रसुले अकरम (स.अ.व.व.) से बेइन्तेहा मुशाबेहत रखते थे ।

 

 

सफरे करबला मे आपका एक क़ौल

 

एक मरतबा करबला के रास्ते मे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ख्वाब से बेदार हुए तो आपने इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन पढ़ा ये देख कर जनाबे अली अकबर अ. स. ने इसकी वजह मालूम की तो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने जवाब दिया कि अभी मैने ख्वाब मे देखा है कि कोई कह रहा है कि ये क़ाफिला मौत की तरफ जा रहा है तो जनाबे अली अकबर अलैहिस्सलाम ने सवाल किया कि ऐ बाबा क्या हम हक़ पर नही हैं तो इमाम ने जवाब दियाः क्युं नही बेटा ।


ये सुनकर जनाबे अली अकबर अ.स. ने फरमाया कि जब हम हक़ पर है तो राहे खुदा मे मरने मे कोई खौफ नही।

 

 

पहला शहीद

 

मक़ातील मे मिलता है कि बनीहाशिम मे सब से पहले मैदाने जंग मे जाने वाले जनाबे अली अकबर अलैहिस्सलाम ही थे।

 

 

शहादत

 

आप करबला के मैदान मे 10 मौहर्रम सन् 61  हिजरी मे दीने हक़ और अपने वालीद का दिफा करते  हुऐ दरजाए शहादत पर फाएज़ हुऐ।

 

 

समाधि

 

हज़रत इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम की एक रिवायत के मुताबिक़ जनाबे अली अकबर अलैहिस्सलाम को करबला मे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के क़दमो की तरफ दफ्न किया गया है।

user comment
 

latest article

  हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत
  शबे कद़र के मुखतसर आमाल
  शबे क़द्र का महत्व और उसकी बरकतें।
  अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अ. की वसीयत।
  इमाम अली की ख़ामोशी
  हदीसे ग़दीर की सेहत का इक़रार करने वाले ...
  इमाम हसन अ.ह की महानता रसूले इस्लाम स.अ की ...
  ख़दीजा ए कुबरा (अ)
  रोज़े के अहकाम
  दुआ ऐ सहर