कृपया प्रतीक्षा करें

पवित्र कुरआन - सूरह الكافرون - جزء سي ام - सूरह کافرون - सूरह نصر - सूरह مسد - पृष्ठ 603

पाठ सेटिंग्स
फ़ॉन्ट प्रकार
फ़ॉन्ट आकार
फ़ॉन्ट रंग
फ़ॉन्ट प्रकार
फ़ॉन्ट आकार
फ़ॉन्ट रंग
الكوثر 
सूरह کافرون  सूरह نصر  सूरह مسد 
الاخلاص 
بسم‌الله
قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ ١ لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ٢ وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ ٣ وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَا عَبَدْتُمْ ٤ وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ ٥ لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِيَ دِينِ ٦
بسم‌الله
إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ ١ وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُونَ فِي دِينِ اللَّهِ أَفْوَاجًا ٢ فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَاسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُ كَانَ تَوَّابًا ٣
بسم‌الله
تَبَّتْ يَدَا أَبِي لَهَبٍ وَتَبَّ ١ مَا أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُ وَمَا كَسَبَ ٢ سَيَصْلَىٰ نَارًا ذَاتَ لَهَبٍ ٣ وَامْرَأَتُهُ حَمَّالَةَ الْحَطَبِ ٤ فِي جِيدِهَا حَبْلٌ مِنْ مَسَدٍ ٥
कह दो, "ऐ इनकार करनेवालो!" (1) मैं वैसी बन्दगी नहीं करूँगा जैसी बन्दगी तुम करते हो, (2) और न तुम वैसी बन्दगी करनेवाले हो जैसी बन्दगी में करता हूँ (3) और न मैं वैसी बन्दगी करनेवाला हूँ जैसी बन्दगी तुमने की है (4) और न तुम वैसी बन्दगी करनेवाला हुए जैसी बन्दगी मैं करता हूँ (5) तुम्हारे लिए तूम्हारा धर्म है और मेरे लिए मेरा धर्म!" (6) जब अल्लाह की सहायता आ जाए और विजय प्राप्त हो, (1) और तुम लोगों को देखो कि वे अल्लाह के दीन (धर्म) में गिरोह के गिरोह प्रवेश कर रहे है, (2) तो अपने रब की प्रशंसा करो और उससे क्षमा चाहो। निस्संदेह वह बड़ा तौबा क़बूल करनेवाला है (3) टूट गए अबू लहब के दोनों हाथ और वह स्वयं भी विनष्ट हो गया! (1) न उसका माल उसके काम आया और न वह कुछ जो उसने कमाया (2) वह शीघ्र ही प्रज्वलित भड़कती आग में पड़ेगा, (3) और उसकी स्त्री भी ईधन लादनेवाली, (4) उसकी गरदन में खजूर के रेसों की बटी हुई रस्सी पड़ी है (5)