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पवित्र कुरआन - सूरह الرحمن - جزء بيست و هفتم - सूरह رحمن - सूरह واقعة - पृष्ठ 534

पाठ सेटिंग्स
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الرحمن 
सूरह واقعة 
الحديد 
فِيهِمَا فَاكِهَةٌ وَنَخْلٌ وَرُمَّانٌ ٦٨ فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٦٩ فِيهِنَّ خَيْرَاتٌ حِسَانٌ ٧٠ فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧١ حُورٌ مَقْصُورَاتٌ فِي الْخِيَامِ ٧٢ فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧٣ لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنْسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَانٌّ ٧٤ فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧٥ مُتَّكِئِينَ عَلَىٰ رَفْرَفٍ خُضْرٍ وَعَبْقَرِيٍّ حِسَانٍ ٧٦ فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧٧ تَبَارَكَ اسْمُ رَبِّكَ ذِي الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ ٧٨
بسم‌الله
إِذَا وَقَعَتِ الْوَاقِعَةُ ١ لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌ ٢ خَافِضَةٌ رَافِعَةٌ ٣ إِذَا رُجَّتِ الْأَرْضُ رَجًّا ٤ وَبُسَّتِ الْجِبَالُ بَسًّا ٥ فَكَانَتْ هَبَاءً مُنْبَثًّا ٦ وَكُنْتُمْ أَزْوَاجًا ثَلَاثَةً ٧ فَأَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ ٨ وَأَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ ٩ وَالسَّابِقُونَ السَّابِقُونَ ١٠ أُولَٰئِكَ الْمُقَرَّبُونَ ١١ فِي جَنَّاتِ النَّعِيمِ ١٢ ثُلَّةٌ مِنَ الْأَوَّلِينَ ١٣ وَقَلِيلٌ مِنَ الْآخِرِينَ ١٤ عَلَىٰ سُرُرٍ مَوْضُونَةٍ ١٥ مُتَّكِئِينَ عَلَيْهَا مُتَقَابِلِينَ ١٦
उनमें है स्वादिष्ट फल और खजूर और अनार; (68) अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे? (69) उनमें भली और सुन्दर स्त्रियाँ होंगी। (70) तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे? (71) हूरें (परम रूपवती स्त्रियाँ) ख़ेमों में रहनेवाली; (72) अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे? (73) जिन्हें उससे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया होगा और न किसी जिन्न ने। (74) अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे? (75) वे हरे रेशमी गद्दो और उत्कृष्ट् और असाधारण क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे; (76) अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे? (77) बड़ा ही बरकतवाला नाम है तुम्हारे प्रतापवान और उदार रब का (78) जब घटित होनेवाली (घड़ी) घटित हो जाएगी; (1) उसके घटित होने में कुछ भी झुठ नहीं; (2) पस्त करनेवाली होगी, ऊँचा करनेवाली थी; (3) जब धरती थरथराकर काँप उठेगी; (4) और पहाड़ टूटकर चूर्ण-विचुर्ण हो जाएँगे (5) कि वे बिखरे हुए धूल होकर रह जाएँगे (6) और तुम लोग तीन प्रकार के हो जाओगे - (7) तो दाहिने हाथ वाले (सौभाग्यशाली), कैसे होंगे दाहिने हाथ वाले! (8) और बाएँ हाथ वाले (दुर्भाग्यशाली), कैसे होंगे बाएँ हाथ वाले! (9) और आगे बढ़ जानेवाले तो आगे बढ़ जानेवाले ही है (10) वही (अल्लाह के) निकटवर्ती है; (11) नेमत भरी जन्नतों में होंगे; (12) अगलों में से तो बहुत-से होंगे, (13) किन्तु पिछलों में से कम ही (14) जड़ित तख़्तो पर; (15) तकिया लगाए आमने-सामने होंगे; (16)