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Thursday 18th of April 2024
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स्वयं को पहचानें किंतु क्यों?

स्वयं को पहचानें किंतु क्यों?
पिछली चर्चा में हमने जाना कि प्रत्येक मनुष्य में प्रगति की चाहत होती है और वह स्वाभाविक रुप से अपनी कमियों को छिपाने का प्रयास करता है प्रगति की स्वाहाविक चाहत को यदि सही ...

बनी हाशिम के पहले शहीद “हज़रत अली अकबर”

बनी हाशिम के पहले शहीद “हज़रत अली अकबर”
हज़रत अली अकबर (अ) की जीवनी के बारे में इतिहासकारों के बीच मतभेद पाया जाता है जैसे कुछ इतिहासकारों ने कर्बला के युद्ध के समय आपकी आयु 20 साल से कम तो कुछ ने 25, 27, या 29 साल बताई है, ...

इन्तेज़ार करने वालों की ज़िम्मेदारियाँ

इन्तेज़ार करने वालों की ज़िम्मेदारियाँ
मासूम इमामों की हदीसों और रिवायतों में ज़हूर का इन्तेज़ार करने वालों की बहुत सी ज़िम्मेदारियों का वर्णन हुआ हैं। हम यहाँ पर उन में से कुछ महत्वपूर्ण निम्न लिखित ...

इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस
आज पवित्र नगर मदीना में इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का घर प्रकाशवान है। पूरा मदीना नगर इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम के सुपुत्र इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम के आगमन से ...

15 शाबान

15 शाबान
एक बार फिर १५ शाबान की शुभ बेला आ पहुंची है और मुक्ति दाता की प्रतीक्षा ने दिलों को व्याकुल कर दिया है। आज के दिन उस महान व्यक्ति का जन्म हुआ है जो ईश्वरीय दूतों के पावन ...

वह चीज़े जो रोज़े को बातिल करती है

वह चीज़े जो रोज़े को बातिल करती है
1581. चन्द चीज़ें रोज़े को बातिल कर देती हैः-1. खाना और पीना।2. जिमाअ करना।3. इस्तेम्ना- यानी इंसान अपने साथ या किसी दूसरे के साथ जिमाअ के अलावा ऐसा फ़ेल करे जिसके नतीजे में मनी ...

इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम

इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम
हिजरी क़मरी कैलेंडर के सातवें महीने रजब को उपासना और अराधना का महीना कहा जाता है जबकि इस पवित्र महीने के कुछ दिन पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों में कुछ महान हस्तियों से जुड़े ...

अगर ज़ैनब न होतीं....?

अगर ज़ैनब न होतीं....?
क़ामूसुल लोग़ात नामी पुस्कत में आया है कि ज़ैनब शब्द की अस्ल “ज़ैन अब” बताई गई है है। यानी अपने पिता का सम्मान और ज़ीनत, सारे इतिहासकारों ने लिखा है कि ज़िब्रईल यह नाम ...

इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस

इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस
यहां पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के अध्ययन हेतू हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे है। 1-मोमिन की तीन अवश्यक्ताऐं हज़रत इमाम तक़ी ...

इमाम हुसैन अ.स. का चेहलुम

इमाम हुसैन अ.स. का चेहलुम
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: आशूर के दिन जब करबला के मैदान में रसूले इस्लाम स.अ. के नवासे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को भूखा और प्यासा शहीद कर दिया गया और उसके बाद उनके परिवार और ...

इमाम महदी अलैहिस्सलाम का वुजूद, ग़ैबत, और ज़हूर क़ुरआने मजीद की रौशनी में

इमाम महदी अलैहिस्सलाम का वुजूद, ग़ैबत, और ज़हूर क़ुरआने मजीद की रौशनी में
हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के वुजूद, ग़ैबत, तूले उम्र और आपके ज़हूर के बाद तमाम अदयान के एक हो जाने से मुताअल्लिक़ 94 आयतें क़ुरआने मजीद में मौजूद हैं। जिनमें से अकसर को ...

शब्बीर का पैग़ाम सुनाने न दिया।

शब्बीर का पैग़ाम सुनाने न दिया।
शेर बर सरे आम मजालिस मे तबर्रा पढ़ कर   अपनी महफिल मे किसी ग़ैर को आने न दिया   रह गया दीन की तबलीग़ का हक़ गर्दन पर   तुमने शब्बीर का पैग़ाम सुनाने न ...

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत
इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की बहुत उपाधियां हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध रज़ा है जिसका अर्थ है राज़ी व प्रसन्न रहने वाला। इस उपाधि का बहुत बड़ा कारण यह है कि इमाम महान ईश्वर की ...

मरातिबे कमाले ईमान

मरातिबे कमाले ईमान
नाफ़े ने इब्ने उमर से नक़्ल किया है कि हज़रत रसूले अकरम (स.) ने फ़रमाया कि अल्लाह पर बन्दें का ईमान उस वक़्त तक कामिल नही होता जब तक उस में पाँच सिफ़ात पैदा न हो जाये- अल्लाह पर ...

हुसैन(अ)के बा वफ़ा असहाब

हुसैन(अ)के बा वफ़ा असहाब
मैंने अपने असहाब से आलम और बेहतर किसी के असहाब को नही पाया। हमारी दीनी तालीमात का पहला स्रोत क़ुरआने मजीद है। क़ुरआन के बाद हम जिन रिवायात का तज़किरा करते हैं वह दो तरह की ...

हबीब इबने मज़ाहिर एक बूढ़ा आशिक

हबीब इबने मज़ाहिर एक बूढ़ा आशिक
“हबीब इबने मज़ाहिर” का अस्ली नाम “हबीब बिन मज़हर” है। (1) आप एक महान और सम्मानीय क़बीले से संबंधित हैं जिसका नाम इतिहास की पुस्तकों में “बनी असद” बताया गया है, और आप ...

ख़ुलासा ए ख़ुतबा ए ग़दीर

ख़ुलासा ए ख़ुतबा ए ग़दीर
ख़ुदा के रसूल (स) ने ग़दीरे ख़ुम में सवा लाख हाजियों के मजमे में मौला ए कायनात हज़रत अली (अ) की विलायत व इमामत के ऐलान से पहले एक निहायत अज़ीमुश शान फ़सीह व बलीग़, तूलानी व ...

ईश्वरीय वाणी-3

ईश्वरीय वाणी-3
पवित्र क़ुरआन का सबसे बड़ा सूरा सूरए बक़रह है जिसमें 286 आयते हैं। इस सूरे के उतरने से नवस्थापित इस्लामी समाज से संबंधित ज़रूरी मामले स्पष्ट हुए और मुसलमानों को ज्ञात हुआ कि ...

ईश्वरीय वाणी-4

ईश्वरीय वाणी-4
पवित्र क़ुरआन के सूरए आले इमरान में आया है कि अलिफ़ लाम मीम, अल्लाह जिसके अतिरिक्त कोई ईश्वर नहीं है और वह सदैव जीवित है और हर वस्तु उसी की कृपा से स्थापित है। उसने आप पर वह ...

हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस पर विशेष

हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस पर विशेष
आज एक मूल्यवान हस्ती का जन्मदिवस है। आज के दिन पूर्वोत्तरी ईरान में स्थित प्रकाशमयी रौज़े की ओर मन लगे हुए हैं और पवित्र नगर मश्हद में सदाचारियों के वंश से एक आध्यात्मिक ...