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Thursday 18th of April 2024
History of Islam
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क़ुरबानी का फ़लसफ़ा और उसके प्रभाव

क़ुरबानी का फ़लसफ़ा और उसके प्रभाव
 सारी उम्मतों के लिये क़ुरबानी को जाएज़ करने का मक़सद यह था कि वह केवल अल्लाह तआला (जो एक है और उसका कोई सहयोगी नहीं है) के सामने सर झुकाएं और जो कुछ वह हुक्म दे उसी पर अमल ...

संतान प्राप्ति हेतु क़ुरआनी दुआ

संतान प्राप्ति हेतु क़ुरआनी दुआ
दुआ # 1 – सुरः बक़रा (2/117) – आयात # 117.2.117: (वही) आसमान व ज़मीन का मोजिद है और जब किसी काम का करना ठान लेता है तो उसकी निसबत सिर्फ कह देता है कि ''हो जा'' पस वह (खुद ब खुद) हो जाता है.दुआ # 2 – ...

आतंकवाद का इस्तेमाल इस्लाम को बदनाम करने का षणयंत्र।

आतंकवाद का इस्तेमाल इस्लाम को बदनाम करने का षणयंत्र।
इस्लामी गणतंत्र ईरान में जारी इस्लामी रेडियो और टेलीवीजन संघ की आठवीं बैठक के तीसरे और अंतिम दिन कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।इस्लामी रेडियो और टेलीवीजन संघ के ...

अज़ादारी परंपरा नहीं आन्दोलन है 2

अज़ादारी परंपरा नहीं आन्दोलन है 2
  कर्बला की घटना इतिहास की सीमित घटनाओं में से एक है और इतिहास की दूसरी घटनाओं में इसका एक विशेष स्थान है। यद्यपि कर्बला की घटना सन् ६१ हिजरी क़मरी की है परंतु १४ शताब्दियां ...

इमाम सज्जाद अलैहिस्लाम के विचार

 इमाम सज्जाद अलैहिस्लाम के विचार
शाबान की पांच तारीख है। ३८ हिजरी कमरी में शाबान महीने की पांच तारीख को ही पवित्र नगर मदीना में इमाम अली बिन हुसैन अर्थात हुसैन के बेटे अली का जन्म हुआ। ईरानी राजकुमारी ...

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया
हज़रत इमाम हुसैन (अ) ने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ इस्लाम को क़यामत तक के लिये अमर बना देने के लिए महान बलिदान दिया है। इस रास्ते में इमाम किसी क़ुरबानी से भी पीछे ...

13 रजब हज़रत अली अलैहिस्सलाम की विलादत

13 रजब हज़रत अली अलैहिस्सलाम की विलादत
हज़रत अली अलैहिस्सलाम की विलादत 13 रजब सन 30 आमुल फ़ील को जुमा के दिन ख़ाना-ए-काबा के अन्दर हुई। आप के दादा अब्दुल मुत्तलिब और वालिदा फ़ातिमा बिन्ते असद थीं। आप दोनों तरफ़ से ...

ख़ुत्बा बीबी ज़ैनब (अ0) दरबारे इब्ने जियाद

ख़ुत्बा बीबी ज़ैनब (अ0) दरबारे इब्ने जियाद
जब असीरों का क़ाफ़ेला दरबारे इब्ने ज़ेयाद में पहुंचा तो इब्ने ज़ेयाद ने पूछा के वह औरत कौन है जो अपनी कनीज़ों के हमराह एक गोशे में बैठी है? आपने जवाब न दिया उसने दो तीन बार ...

इमाम ह़ुसैन (स अ) के भाई जो कर्बला में शहीद हुए

इमाम ह़ुसैन (स अ) के भाई जो कर्बला में शहीद हुए
कर्बला में जिन नेक और अच्छे इंसानों ने सह़ी और कामयाब रास्ते को अपनाया और अपने ज़माने के इमाम के नेतृत्व में बुरे लोगों के मुक़ाबले, अपनी ख़ुशी के साथ जंग की और शहीद हुए ...

पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी
पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है। “ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन फ़जआ ...

क़ुरआन सब से बड़ा मोजज़ा है।

क़ुरआन सब से बड़ा मोजज़ा है।
हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम पैग़म्बरे इस्लाम (स.)का सब से बड़ा मोजज़ा है और यह फ़क़त फ़साहत व बलाग़त, शीरीन बयान और मअनी के रसा होने के एतबार से ही नही बल्कि और मुख़्तलिफ़ ...

काबा का इफ़्तेखार और कर्बला की मंज़िलत

काबा का इफ़्तेखार और कर्बला की मंज़िलत
अल्लाह ने काबे की निसबत अपनी तरफ़ दी है इसलिये वह उसका घर कहा जाता है हालाँकि यह इज़ाफ़त ऐज़ाज़ी व इज़ाफ़ी है इसलिये कि अल्लाह का कोई मकान नही है और उसे मकान की ज़रूरत भी नही ...

क़ासिम इबने हसन (अ)

क़ासिम इबने हसन (अ)
  सैय्यद ताजदार हुसैन ज़ैदी   क़ासिम इमाम हसन बिन अली (अ) के बेटे थे और आप की माता का नाम “नरगिस” था मक़तल की पुस्तकों ने लिखा है कि आप एक सुंदर और ख़ूबसरत चेहरे वाले नौजवान थे ...

** 24 ज़िलहिज्ज - ईद मुबाहिला **

** 24 ज़िलहिज्ज - ईद मुबाहिला **
मुबाहिला का वाकया हिजरी कैलन्डर के 9वें साल में हुआ। इस घटना में 14 ईसाई विद्वानों (नजरान) का एक दल इस्लाम की सत्यता पर तर्क करने हज़रत मोहम्मद (स:अ:व:व) के पास आया ! दोनों पक्षों ...

हज़रत रोक़य्या बिन्तुल हुसैन ऐतेहासिक दस्तावेज़ों में

हज़रत रोक़य्या बिन्तुल हुसैन ऐतेहासिक दस्तावेज़ों में
  आज हज़रत रोक़य्या के बारे में जो प्रसिद्ध है और जो लिखा जाता है वह यह है कि आप इमाम हुसैन (अ) की बेटी थी। और कर्बला के मैदान में आप हुसैनी क़ाफ़िले के साथ थी और इसी क़ाफ़िले ...

बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।

 बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।
इस्लाम से पहले ,अबुसुफ़यान (यज़ीद का दादा) जिहालत की मान्यताओं, बुत परस्ती व शिर्क का सबसे बड़ा समर्थक था। जब पैग़म्बरे इस्लाम (स.) ने बुत परस्ती और समाज में फैली बुराईयों को ...

इस्लाम मक्के से कर्बला तक भाग 1

 इस्लाम मक्के से कर्बला तक भाग 1
       मुसलमानों का मानना है कि हर युग और हर दौर मैं अल्लाह ने इस धरती पर अपने दूत(संदेशवाहक/पैग़म्बर), अपने सन्देश के साथ इस उद्देश्य के लिए भेजे हैं कि अल्लाह के यह दूत ...

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी
लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरीज़िंदगी शम्अ की सूरत हो ख़ुदाया मेरी!दूर दुनिया का मेरे दम से अँधेरा हो जाए!हर जगह मेरे चमकने से उजाला हो जाए!हो मेरे दम से यूँही मेरे वतन की ...

वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-9

वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-9
इस्लाम धर्म में शिफ़ाअत ईश्वर की ओर से मनुष्यों पर एक विभूती बतायी गयी है। जिन लोगों ने उपासना के बंधन को नहीं तोड़ा है और अनेकेश्वरवाद का शिकार नहीं हुए हैं, ईश्वर के ...

इस्लामी संस्कृति व इतिहास-4

इस्लामी संस्कृति व इतिहास-4
पैग़म्बरे इस्लाम ने अपने धर्म के प्रचार के लिए मदीना नगर में एक सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था की नींव डाली जिसमें आदर्श न्यायिक विभाग, सैनिक संस्था तथा कार्यालय तंत्र था यह ...